PrintSource

अक्रूरा नेऊ नको मथुरेला

Akrura Neu Nako Mathurela

राजा बढे

अक्रूरा नेऊ नको मथुरेला, प्रियकर अमुचा श्याम

घेरति रथ प्रियजन व्रजकुमारी ओढिति धरुनी शेला
गोकुळजन वृंदावनवासी आळविती अलबेला

नेऊ नको ना राजस राणा माझा छेल छबेला
सोडुनि जाशी सावळिया रे, तुजविण जीव भुकेला

कदंब गाळी आसु फुलांचे- पूर येइ यमुनेला
येइल का कधि परत गोकुळी हंस उडोनी गेला

रडुनि रडुनि वाट भिजे- धूळ उडेना पाही
दूर दूर रथ जाता दृष्टि पडेना काही