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अति गोड गोड ललकारी

Ati Goad Goad Lalkari

स. अ. शुक्ल

अति गोड गोड ललकारी
सोड बुलबुला प्यारी तव न्यारी

कशि लोपत माया गिरिधारी
झुरते राधा मनात भारी
आतां घे धाव झणिं मुरारी
हा संदेश सांग सुखकारी