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Fitting…

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जन लोका विस्मय हा

जन लोका विस्मय हा
दुंदुभीरव ये मंत्रनिनादे भद्रासनी अभिषेका

नमवी शीर्ष जलकुंभस्त्रावा
मिटे न परि विधिलेखा
द्रववित मन, तनु कंपविकल ती तात राजमुद्रा

जन लोका विस्मय हा

जन लोका विस्मय हा
दुंदुभीरव ये मंत्रनिनादे भद्रासनी अभिषेका

नमवी शीर्ष जलकुंभस्त्रावा
मिटे न परि विधिलेखा
द्रववित मन, तनु कंपविकल ती तात राजमुद्रा

जन लोका विस्मय हा

जन लोका विस्मय हा
दुंदुभीरव ये मंत्रनिनादे भद्रासनी अभिषेका

नमवी शीर्ष जलकुंभस्त्रावा
मिटे न परि विधिलेखा
द्रववित मन, तनु कंपविकल ती तात राजमुद्रा