तुमबिन मेरी कोन खबर ले । गोवर्धन गिरिधारी रे मोरमुकुट पीताम्बर शोभे । कुंडल की गत न्यारी रे खडी सभा मो द्रौपदी ठाडी । राखो लाज हमारी मीरा के प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलहारी रे
तुमबिन मेरी कोन खबर ले । गोवर्धन गिरिधारी रे मोरमुकुट पीताम्बर शोभे । कुंडल की गत न्यारी रे खडी सभा मो द्रौपदी ठाडी । राखो लाज हमारी मीरा के प्रभु गिरिधर नागर । चरणकमल बलहारी रे